
सुलतानपुर। एसपी नेता और सुलतानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के पति शिवकुमार सिंह की गाड़ी चेक करना और उससे असलहों की रिकवरी करना कोतवाल वीपी सिंह को महंगा पड़ा है। कोतवाल का दूसरे जिले में तबादला कर दिया गया है। तीन दिन पहले वीपी सिंह ने शिवकुमार सिंह को असलहों के जखीरे के साथ पकड़ लिया था। आरोपों के मुताबिक इनमें अवैध पिस्टल भी थी, बाद में सपाइयों ने शिवकुमार को छुड़ा लिया था जबकि उनके साथ के चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
शिव कुमार सिंह को लाल बत्ती लगी गाड़ी में घूमना महंगा पड़ा था। अपने तीन गाड़ियों के काफिले के साथ घर से शहर आ रहे शिव कुमार सिंह को पुलिस ने रोक लिया था। लाल बत्ती लगी गाड़ी पर चलने के लिए वैध कागज न दिखा पाने से पुलिस ने उनकी गाड़ी पर लगी लाल बत्ती उतार ली। फिर पुलिस ने उनकी गाड़ी की तलाशी शुरू कर दी।
गाड़ियों की तलाशी शुरू हुई तो असलहे का जखीरा देख पुलिस वाले हैरान रह गए। आनन-फानन पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लिया और सबको लेकर कोतवाली आ गई। घंटों जांच पड़ताल हुई। जांच पड़ताल में अवैध असलहे के साथ तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दरअसल, सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह के पति शिव कुमार सिंह रविवार को लाल बत्ती लगी फॉर्च्यूनर गाड़ी से घर से किसी आयोजन में शामिल होने अपनी दो और गाड़ियों के काफिले के साथ सुल्तानपुर शहर आ रहे थे। लेकिन इसके बाद आई कोतवाल के तबादले की खबर ने पुलिस के मनोबल को गिराने का काम किया है।