बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व बाबूसिंह कुशवाहा 1400 करोड के स्मारक घेटाले में फंसे

बसपा सरकार में नोएडा और लखनऊ में स्मारक निर्माण के 14 अरब 10 करोड़ 50 लाख 63 हजार 200 रुपए (पत्थर लगवाने के लिए आवंटित कुल बजट का करीब 34 प्रतिशत) के घोटाले में एक जनवरी 2014 को राजधानी के गोमतीनगर थाने में बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा समेत 19 अधिकारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज है।

2014 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा की रिपोर्ट के बाद पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा सहित 19 अधिकारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था।

घोटाले में नामजद रिपोर्ट दर्ज करके स्पष्ट संकेत दे दिए गए थे की घोटालेबाजों को बक्श नहीं जाएगा।

प्रदेश सरकार ने बसपा के नेताओं के खिलाफ दर्ज घोटाले के मुकदमो की फाइलें निकाल दी है अब घोटालेबाज बक्शे नहीं जाएंगे। चुनाव से पहले स्मारक घोटाले में बड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घोटाले की जांच प्रगति के बारे में पूछकर अफसरों को एक्टिव कर दिया है।

घोटाले में 19 नामजद आरोपियों के अलावा लोकायुक्त ने रिपोर्ट में तीन आईएएस समेत 199 लोगों को चिन्हित किया था।

महानिदेशक सतर्कता अधिष्ठान भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जांच पूरी निष्पक्षता से चल रही है। इसमें काफी प्रगति हो चुकी है।

200 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार भी इसकी लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। बहुत जल्द नतीजा दिखेगा।

पूर्व मंत्रियों के अलावा खनन विभाग के भूतपूर्व संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारूकी, निर्माण निगम के पूर्व एमडी सीपी सिंह, राजकीय निर्माण निगम के अपर परियोजना प्रबंधक राकेश चंद्रा, इंजीनियर एसके सक्सेना, केआर सिंह, राजीव गर्ग, एसपी गुप्ता, पीके जैन, आरके अग्रवाल, आरके सिंह, बीडी तिवारी, मुकेश कुमार, हीरालाल, एसके चौबे, एसपी सिंह, मुरली मनोहर और एसके शुक्ला के खिलाफ भी मामला दर्ज है।