चलती ट्रेन में काटा डिब्बा, फिल्मी स्टाइल में लूटा सरकारी खजाना, पुलिस दंग, प्रशासन हैरान...!

तमिलनाडु में फिल्मी अंदाज में लुटेरों ने चलती ट्रेन से पांच करोड़ 78 लाख रुपए पर हाथ साफ कर दिया। ये पैसे अलग अलग बैंकों में जमा करने के लिए जा रहे थे।

आश्चर्यजनक रूप से, ऐसा तब हुआ जब हथियारों से लैस पुलिसबल एक असिस्टेंट कमांडेंट के नेतृत्व में बगल के कंपार्टमेंट में रहकर इसकी सुरक्षा कर रही थी। पुलिस ने बताया कि वैन की छत पर एक आयाताकार छेद कर इस लूट को अंजाम दिया गया। 2 फीट से डेढ़ फीट साइज के इस छेद से ही लुटेरे लकड़ियों के 226 बक्सों तक पहुंचे जिनमें 325 करोड़ रुपए रखे गए थे।

पुलिस ने बताया कि 19 बोगियों वाली इस ट्रेन में 3 कोच पार्सल वैन थे। ये ट्रेन सोमवार को रात 9 बजे सलेम से चली थी और चेन्नई में सुबह 3:57 पर पहुंची। पार्सल वैन को रेक से अलग कर दिया गया और यार्ड में पहुंचाया गया। इसके बाद चोरी का मामला सुबह 11 बजे तब सामने आया जब आरबीआई ऑफिसर्स ने सील तोड़ी और पुलिस बल की मौजूदगी में वर्कर्स कंपार्टमेंट में दाखिल हुए। चार बॉक्स में रखे गए नोट चोरी हो चुके थे।

सलेम से चेन्नई जा रही ट्रेन तेज रफ्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। चुनिंदा लोगों को ही मालूम था कि इस ट्रेन में 342 करोड़ रुपए रखे हैं। गलती से ये जानकारी उन्हें भी थी जिनकी काली नजर ट्रेन में रखी करोड़ों की दौलत पर थी।

हाई प्रोफाइल चोरों ने चलती ट्रेन से करोड़ों रुपये उड़ाने के फुल प्रूफ प्लान बनाया और पूरे फिल्मी अंदाज में चोरी को अंजाम दिया। पहले तो उन्होंने उस डिब्बे की छत में करीब 2 फुट चौड़ा सुराख बनाया, जिसमें पैसों से भरे बक्से रखे थे। रेल प्रशासन के मुताबिक 342 करोड़ की रकम 226 बक्सों में रखी हुई थी।


सुराख बनाने के बाद चोर छत के रास्ते डिब्बे में उतरे। ट्रेन अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी और शातिर चोर अपनी रफ्तार से अपने काम को अंजाम दे रहे थे। वक्त कम था और रकम बहुत ज्यादा। काफी कोशिश के बाद चोर दो बक्से तोड़ने में कामयाब रहे। उन्होंने दोनों बक्सों में रखे करीब 5 करोड़ 78 लाख की रकम चुराई और आसानी से चलते बने।

ट्रेन से भेजी जा रही ये रकम रिजर्व बैंक की थी जिसे स्टेट बैंक, इंडियन बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में जमा कराना था। चलती ट्रेन में हुई करोड़ों की लूट ने रेल महकमे के होश उड़ा दिए हैं। चोरों तक पहुंचने के लिए हर कोशिश की जा रही है। सुराग की तलाश में फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है।

आरपीएफ ने केस रजिस्टर कर एक गहन जांच अभियान शुरू किया है। इसके लिए तमिलनाडु पुलिस की भी मदद ली जा रही है। जांचकर्ताओं को इस बात का कोई आभास ही नहीं हो पा रहा है कि चोरी कहां हुई? चलती ट्रेन में छेद कर चोरी किए जाने की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा रहा है। अंदेशा है कि कैश वैन को ट्रेन से जोड़े जाने से पहले ही सलेम जंक्शन पर या फिर चेन्नई में इसे ट्रेन से अलग किए जाने के बाद इसमें घुस गए हों।

अगर संदिग्धों ने चलती ट्रेन में छेद कर इस लूट को अंजाम दिया है तो ऐसा सिर्फ सलेम से वृद्धाचलम के बीच ही हो सकता है, जो यहां से 138 किलोमीटर दूर है। इन दो स्टेशनों के बीच रेल लाइन का विद्युतीकरण नहीं है। यह भी संभव है कि वह कैश से भरे कोच को सील किए जाने से पहले ही उसमें घुस गए हों और गैस कटर से छेदकर फरार होने में कामयाब रहे। एक बड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम हर ऐंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। सलेम और चेन्नई एग्मोर स्टेशन के सर्विलांस फुटेज की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारी से जब पूछा गया कि आखिर पुलिस छत पर किए गए छेद को नहीं देख सकी? पुलिस ने कहा कि ट्रेन में चल रहा सुरक्षा दस्ता हर स्टेशन पर जाकर सील को चेक कर रहा था। लेकिन वह आमतौर पर छत को चेक नहीं करता क्योंकि वह मजबूती से बनाया गया होता है। ट्रेन के 12 निर्धारित स्टॉपेज थे और पुलिस टीम हर लिहाज से मामले की जांच कर रही है।

तमिलनाडु में फिल्मी अंदाज में लुटेरों ने चलती ट्रेन से पांच करोड़ 78 लाख रुपए पर हाथ साफ कर दिया। ये पैसे अलग अलग बैंकों में जमा करने के लिए जा रहे थे।