
गौरक्षा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान से विवाद बढ़ता जा रहा है. बयान से आहत हिंदू महासभा ने प्रधानमंत्री मोदी को कानूनी नोटिस भेजने का फैसला किया है.
हिंदू महासभा के स्वामी चक्रपाणि ने बताया, 'हम जानना चाहते हैं कि पीएम ने किस आधार पर 80 फीसदी गौरक्षकों को गुंडा बता दिया. प्रधानमंत्री को ऐसा गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए. इसके लिए हम प्रधानमंत्री को लीगल नोटिस भेजेंगे.'
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी को इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का साथ मिला है. संघ के सर सहकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर कुछ लोग कानून हाथ में लेकर सौहार्द्र बिगाड़ने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अब उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों को नकली 'गौरक्षकों' की जांच करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी. मोदी ने कहा था कि वे लोग देश को बर्बाद कर रहे हैं. नकली गौरक्षकों को गायों से कोई मतलब नहीं है. वे समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा था, 'मैं असली गौरक्षकों और गौसेवकों को सलाम करता हूं. मैं आपसे अपील करता हूं कि आप आगे आएं, कहीं ऐसा न हो कि आपके स्तर से किया गया अच्छा कार्य कुछ स्वार्थ साधने वाले लोगों के हाथों बर्बाद हो जाए.'
मोदी ने कहा कि जो लोग गौभक्ति और गौसेवा में विश्वास करते हैं, उन्हें गाय को कृषि से जोड़ना होगा. इससे इस क्षेत्र को स्थायित्व मिलेगा और आर्थिक विकास में योगदान होगा. गाय एक संपत्ति है, यह कभी भी बोझ नहीं हो सकती.
गौरक्षा के नाम पर दलितों पर हो रहे अत्याचार पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मोदी ने कहा था कि ऐसी घटनाओं पर उन्हें बहुत गुस्सा आता है. उन्होंने राज्य सरकारों से ऐसे लोगों की एक सूची तैयार करने को कहा, जो गौरक्षा के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं.