संगम नगरी में गंगा-यमुना उफान पर, बजी खतरे की घण्टी

गंगा और यमुना दोनों नदिया अपने उफान पर हैं। पिछले 24 घण्टे में तेज़ी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया है। प्रशासन द्वारा लोगों से गहरे पानी में न उतरने की अपील का गई है।
बता दें कि दोनों नदियों के तटीय इलाकों में पानी घरों तक पहुंचने की कगार पर है। गंगा में तेज़ बहाव के चलते किनारों पर कटान तेज़ी से बढ़ रहा है। कछारी क्षेत्रों के आस-पास की जल चौकियों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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बाढ़ के चलते संगम क्षेत्र में हबूम मनीर पिछले दो दिनों से डूबा है। आलम यह है की गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र 2 मीटर नीचे है। गंगा का जल स्तर फाफामऊ में 82.28 मीटर तक पहुंच चुका है फाफामऊ से लगे हुए रसूलाबाद घाट और नारायण आश्रम के घाट पूरी तरह से डूब चुके हैं।
वहीं दूसरी ओर यमुना का जल स्तर 82 .42 मीटर तक दर्ज हुआ है। यमुना के ककरहा घाट,गऊघाट, बलुआ घाट पूरी तरह से जलमग्न हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार ने सिंचाई विभाग के अभियन्ताओं को किसी भी परिस्थिति सर निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। जिलाधिकारी ने पम्पइंग स्टेशनों को बाढ़ रहत कर्मियों को लाइफ जैकेट, बोट, मोटर बोट, टॉर्च, रस्सी जैसे जरुरत के सभी उपकरणों को पर्याप्त मात्र में तैयार रखने के आदेश दिए हैं।
लगाई गई जल पुलिस
गंगा के किनारे बेस मोहल्लों के पास के प्रशासन के आदेश पर जलपुलिस तैनात कर दी गई है दारागंज,सलोरी अल्लापुर,छोटा बाघड़ा, बेली गांव शामिल हैं।
कगार कटने से खतरे में गांव
गंगा में तेज़ी से कटान के चलते कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। फाफामऊ के पास जैसे चकिया, रंगपुरा, मोरहू, जैतवारडीह, मलाका यहां के ग्रामीण बढ़ते जल स्तर से घबराये हुए हैं।