मोदी के मंत्री ने गौरक्षा पर खड़ा किया बड़ा सवाल

मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल एक केन्द्रीय मंत्री ने गौरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। मंत्री ने कहा है कि गौरक्षा के नाम पर मानव हत्या ठीक नहीं है।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री रामदास अठावले ने 11 जुलाई को गुजरात के ऊना में कथित रूप से मरी हुई गाय की चमड़ी उतारने के आरोप में दलितों की पि‍टाई पर यह बात कही। उन्होंने गौरक्षकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि गौहत्या को रोकने के लिए कानून है। आप गौरक्षा कर रहे हैं, लेकिन मानव हत्या क्यों? अगर आप गौरक्षा कर रहे हैं तो मानव रक्षा कौन करेगा? गौरक्षा लोगों की जान की कीमत पर नहीं की जानी चाहिए।

दलित भी देश के नागरिक

दलित नेता रामदास अठावले ने कहा कि दलित भी इस देश के नागरिक हैं। उनका भी सम्मान किया जाना चाहिए। गौरक्षा जरुरी है। लेकिन इंसानों की रक्षा कौन करेगा। गौरक्षकों को किसी पर हमला करने का अधिकार नहीं है।

मायावती पर साधा निशाना

रामदास अठावले ने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती खुद को अंबेडकर का अनुयायी बताती हैं। तब उन्होंने अब तक बौद्ध धर्म क्यों नहीं अपनाया। जबकि वह बौद्ध धर्म अपनाने की बात कई बार कह चुकी हैं। दलित नेता रामदास अठावले ने दलितों से बौद्ध धर्म अपना लेने की बात कही।

गौरक्षा के नाम पर हुई बड़ी घटनाएं

  1. गौतमबुद्धनगर जिले के बिसाहड़ा गांव में बीते साल 28 सितंबर की रात कथित रुप से गौहत्या की सूचना पर भीड़ ने अखलाक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। वहीं उसके बेटे दानिश को अधमरा कर दिया गया था।
  2. कुछ दिन पूर्व फरीदाबाद में दो लोगों को कथित रुप से गौमांस ले जाने के आरोप में गोबर खिलाया गया था।
  3. गुजरात के ऊना में 11 जुलाई को गौरक्षकों ने मिलकर दलितों की पिटाई कर दी थी। इन पर कथित रूप मरी हुई गाय की चमड़ी उतारने का आरोप था।