सिंधु की भारतीयता में से दलित ढूंढने वाले आखिर कौन ?

जब पी.वी. सिंधु देश के लिए गोल्ड मैडल के लिए जिद्दोजहद कर रही थी तो देश में कुछ लोग उनकी ललक की सराहना करने या उनकी मेहनत से प्रेरणा लेने की बजाय सिंधु की जाति जानने में व्यस्त थे। आखिर वो कौन हैं जिनके लिए सिंधु की भारतीयता उनकी एक मात्र पहचान नहीं हैं। ये लोग क्यों देश को, समाज को तोड़ने वाली ताकतों को अपने हाथ में लिए हुए हैं। शिक्षा में आरक्षण होने के कारण टीना डाबी की जाति जानने वाले कुछ तर्क दे भी सकते हैं, परंतु खेल में, जिसमे आरक्षण का कोई लाभ नहीं हैं, उसमे जाति ढूँढना हमारे देश की एक नाकामी है। समय रहते अगर ये सोच न बदली जा सकी तो देश ऐसे ही खेलों में मैडल को तरसता रहेगा।