आतंकवादी बनने के लिए गरीब, अनपढ़ या गुस्सैल होने की जरूरत नहीं, ‘इस्लाम’ काफी है : तस्लीमा

कट्टरपंथियों के खिलाफ मुखर रहने वाली निर्वासन में रह रही बंगलादेशी मूल की लेखिका तस्लीमा नसरीन ने हाल ही में हुए ढाका हमले के बाद से इस्लाम और उससे निकलने वाली आतंकवादी सोच के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जहां उन्होंने अपने कई ट्वीट्स द्वारा बंगलादेश में हुए भीषण आतंकी हमले में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है वहीं उन्होंने इस घटना के प्रति तीव्र गुस्सा भी जाहिर करते हुए कई तीखे ट्वीट्स किये हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि, आपको आतंकवादी बनने के लिए गरीब होने की, अनपढ़ होने की, गुस्सैल होने की, अमेरिका की विदेश नीति की, इजराइल की साजिशों की जरूरत नहीं, इसके लिए बस ‘इस्लाम’ ही काफी है।

इससे पहले किये गये ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, ढाका के हमलावर सभी आतंकी अमीर परिवारों से, एलीट स्कूलों में पढ़े हुए थे इसलिए कृपया यह कहना बंद करें कि गरीबी और अनपढ़ अवस्था लोगों को इस्लामिक आतंकवादी बनाती है।

इस दौरान अपने एक ट्वीट में उन्होंने ढाका हमले में शामिल निब्रास इस्लाम नामक एक आतंकी का जिक्र करते हुए लिखा कि, ढाका हमले में शामिल निब्रास इस्लाम नामक आतंकी टर्किश होप स्कूल और नार्थ साउथ युनिवर्सिटी से पढ़ा था, इसके बाद उसका इस्लामिक तरीके से ब्रेनवाश हुआ जिसके कारण वह आतंकी बना।

उन्होंने आतंकी सोच के लिए इस्लाम को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा कि, इंसानियत के लिए यह कहना बंद करें कि, इस्लाम शान्ति का धर्म है।

तस्लीमा ने बांग्लादेश में आतंकवाद का प्रभाव बढने को लेकर सीधा आरोप बंगलादेश सरकार और प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मढा है। उन्होंने लिखा कि, बंगलादेश कट्टर इस्लामिक देश बन गया है और बांग्लादेश सरकार इसके लिये जिम्मेदार है।

उन्होंने बांग्लादेशी प्रधानमन्त्री शेख हसीना पर आरोप लगाया कि, वह ढाका अटैक में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि तो दे रही हैं लेकिन वह सेक्युलर ब्लागर्स, समलैंगिक लोगों और हिन्दुओ की इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा की गयी हत्या पर शांत क्यों थीं।