कुडनकुलम परमाणु संयंत्र राष्ट्र को समर्पित

चेन्नई, 10 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे.जयललिता ने कुडनकुलम परमाणु विद्युत परियोजना (केएनपीपी) की पहली एक हजार मेगावाट क्षमता की इकाई को बुधवार को राष्ट्र को समर्पित किया।

लोकार्पण कार्यक्रम को नई दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मॉस्को से पुतिन तथा चेन्नई से जयललिता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अंजाम दिया। केएनपीपी तमिलनाडु जिले के तिरुनेलवेली जिले में स्थित है, जो यहां से लगभग 650 किलोमीटर की दूर है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम को भारत-रूस मैत्री में एक नया कदम बताते हुए कहा कि वह दोनों देशों की मित्रता को बहुमूल्य मानते हैं। इसी कारण वह राष्ट्रपति पुतिन के साथ संयुक्त रूप से केएनपीपी-1 भारत को समर्पित कर रहे हैं। केएनपीपी-1 को परमाणु क्षेत्र में साझेदारी का पहला कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि केएनपीपी-1 की 1000 मेगावाट यूनिट देश में ऊर्जा का सबसे बड़ी यूनिट है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश आने वाले वर्षों में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबध्द हैं और कुडनकुलम में 1000 मेगावाट की पांच और यूनिट बनाने की योजना है।

केएनपीपी की दूसरी यूनिट शीघ्र ही काम करना शुरू कर देगी परंतु तीसरे और चौथे यूनिट में भारत के कुछ न्यूक्लियर लायबिलिटी लॉ (परमाणु दायित्व क़ानून) के कारण विलम्ब हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा केएनपीपी संयुक्त हरित विकास के लिए दोनों देशों की साझेदारी की प्रतिबद्धता का संकेत है और स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन के लिए भारत के प्रयासों को जारी रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसका सफल समापन दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक भागीदारी की ताकत की एक और अच्छी मिसाल और मित्रता का एक उत्सव है।