दिल्ली की तरह गोवा में भी ‘बिक’ रहे हैं पत्रकार?

यह सवाल बीते करीब महीने भर से गोवा की मीडिया में उठ रहा है। पिछले रविवार को पणजी में अरविंद केजरीवाल की रैली के पहले और बाद में जिस तरह की मीडिया कवरेज लोकल अखबारों में दिख रही है, उससे यह सवाल सही भी लग रहा है। ज्यादातर अखबारों में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के गुणगान छापे जा रहे हैं। कई अखबारों ने तो पणजी में अरविंद केजरीवाल की रैली को बेहद कामयाब करार दिया। जबकि रैली में गए कई लोगोंं का कहना था कि मैदान खाली पड़ा था और ज्यादातर भीड़ मुंबई और महाराष्ट्र के शहरों से जुटाई गई थी।

अखबारों में AAP को जिताने की अपील!

पणजी से छपने वाले अखबार नवहिंद टाइम्स ने आज एक लेख छापा है, जिसमें केजरीवाल की तुलना बाइबिल के एक किरदार से की गई है। साथ ही इसमें कहा गया है कि “गोवा में पार्टी के साथ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, फैशन डिजाइनर वेनडेल रॉड्रिक्स और सिंगर रेमो फर्नांडिस जैसे बेदाग लोग जुड़े हैं। ये लोग यहां अंग्रेजी या कोंकणी में बात करते हैं, न कि हिंदी में, हिंदी उत्तर भारत की भाषा है और ये गोवा में नहीं चलेगी। इस खबर में न हिंदी विरोधी मानसिकता साफ तौर पर झलक रही है। अरविंद केजरीवाल की तुलना बाइबिल के किरदार से करने का सीधा मतलब गोवा के कैथोलिक ईसाइयों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

गोवा के पत्रकारों को दिए गए हैं लालच

दिल्ली की तरह गोवा में भी पत्रकारों को आम आदमी पार्टी की तरफ से खुला ऑफऱ है। राजदीप सरदेसाई और निखिल वागले ने पार्टी की पैठ लोकल पत्रकारों के बीच बनाने में काफी अहम भूमिका निभाई है। दोनों ने पिछले दिनों में कई स्थानीय अखबारों के संपादकों और संवाददाताओं के साथ अरविंद केजरीवाल की मीटिंग करवाई। इनमें से ज्यादातर मुलाकातें दिल्ली में आम आदमी पार्टी के दफ्तर में हुईं। इन मुलाकातों को टॉप सीक्रेट रखा गया। हमारे सूत्र के मुताबिक गोवा की मीडिया को केजरीवाल की तरफ से जो ऑफर है वो कुछ इस तरह से है:

1. अगले कुछ महीनों में दिल्ली सरकार के विज्ञापनों के जरिए गोवा के अखबारों और लोकल टीवी चैनलों की कमाई करवाई जाएगी।
2. आम आदमी पार्टी के पक्ष में लिखने वाले पत्रकारों को गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट भी दिए जाएंगे। कुछ के नाम अभी से तय भी माने जा रहे हैं।
3. आम आदमी पार्टी ने ऐसी ज्यादातर डील निजी स्तर पर अलग-अलग पत्रकारों के साथ की हैं। ये पत्रकार पार्टी की गतिविधियों में खुलकर हिस्सा भी ले रहे हैं।
4. कई संपादकों से कहा गया है कि वो अपने मैनेजमेंट को समझाएं कि दिल्ली सरकार के विज्ञापनों का फायदा उन्हें भी होगा।
5. AAP के अंदर ऐसे पत्रकारों को ‘फ्रेंड्स’ कहा जाता है। इन्हें गोवा और दिल्ली में पार्टी की अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
6. इसके अलावा पत्रकारों को सरकार की अलग-अलग कमेटियों में भी जगह दी जाएगी।
7. हमारे सूत्र के मुताबिक कुछ बड़े स्थानीय पत्रकारों को राज्यसभा भेजने का  वादा भी किया गया है।

राजदीप सरदेसाई खुलकर हैं राजनीति में

गोवा के राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पत्रकार राजदीप सरदेसाई गोवा की राजनीति में खुलकर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने पिछले रविवार को हुई पार्टी की रैली में भी हिस्सा लिया था। हालांकि उन्होंने औपचारिक तौर पर आम आदमी पार्टी में जाने का एलान अभी तक नहीं किया है। लेकिन गोवा में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बता दिया गया है कि आने वाले दिनों में उनकी भूमिका अहम रहने वाली है।  गोवा के पत्रकारों के बीच पैठ बनाने में भी राजदीप सरदेसाई ने ही अहम किरदार निभाया है।

गोवा की मीडिया में छाई हुई है AAP

नीचे गोवा के अखबारों की कुछ कतरनें जिन्हें देखकर आप समझ सकते हैं कि गोवा के अखबार इन दिनों किस कदर केजरीवाल भक्ति में डूबे हुए हैं। नीचे हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ नमूने जो पहली नज़र में कहीं न कहीं पेड न्यूज का ही मामला लग रहा है।