
नई दिल्ली: देश भर के स्कूलों में 15 अगस्त को लेकर तैयारियां चल रही है. इन तैयारियों के बीच इलाहाबाद के एक स्कूल से चौंकाने वाली खबर आई है. इस स्कूल में राष्ट्रगान पर बीते दस साल से रोक लगी है और आवाज उठाने वाले आठ शिक्षकों को बाहर कर दिया गया है. खबर दिखाए जाने के बाद प्रशासन का कहना है कि स्कूल में राष्ट्रगान ना गाने दिए जाने की जांच के आदेश दिए हैं.
स्कूल प्रबंधक का कहना है राष्ट्रगान में जो भारत भाग्य विधाता शब्द हैं उसे गाने की इजाजत इस्लाम नहीं देता. राष्ट्रगान पर रोक का ये विवाद सामने नहीं आता अगर स्कूल के कुछ शिक्षकों ने विरोध नहीं किया होता. आरोप है कि प्रबंधन ने आवाज उठाने पर 8 शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया. मीडिया में बात सामने आने के बाद अब प्रशासन जांच की बात कह रहा है.
इस स्कूल में सभी धर्मों के नर्सरी से आठवीं तक की पढ़ाई होती है और करीब 800 बच्चे पढ़ते हैं. इसके बावजूद स्कूल में न तो जन गन मन की इजाजत है और ना ही सरस्वती वंदना की.
पहले वंदे मातरम फिर भारत माता की जय और अब राष्ट्रगान का विवाद. देश का संविधान किसी को भी राष्ट्रगान के अपमान की इजाजत नहीं देता. लेकिन इलाहाबाद का ये स्कूल बीते दस सालों से अपना संविधान चला रहा है.