
गर्मी के मौसम में लोगों को राहत देने वाली कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियां यूपी के मार्केट में अरबों रुपये का कारोबार करती हैं। लेकिन अब इनमें से बेहद लोकप्रिय इंटरनेशनल एनर्जी ड्रिंक रेड बुल यूपी में बैन होने जा रही है।
यूपी के फूड एंड डिपार्टमेंट के मुताबिक इंटरनेशनल एनर्जी ड्रिंक कंपनी रेड बुल की जांच में ऐसी खामियां पाई गई हैं, जो जानलेवा हैं।
इसमें निर्धारित मात्रा से ज्यादा कैफिन मिलाया जा रहा है। जो शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है।
इसी के बाद से यूपी में रेड बुल पर बैन लगाने की तैयारी चल रही है।
इंटरनेशनल एनर्जी ड्रिंक रेड बुल पर बैन
यूपी के फूड एंड डिपार्टमेंट ने मल्टीनेशनल एनर्जी ड्रिंक रेड बुल को सीज करने का फैसला लिया है। मेरठ के खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग (एफडीए) की जांच में रेड बुल फेल गर्इ है।
इसके बाद एफडीए ने शहर के दो बड़े स्टोर से रेड बुल की 1572 कैन सीज करते हुए इसकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी।
बुधवार से प्रदेश के बाकी हिस्सों में इसकी बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गर्इ है।
सेंट्रल लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद डिपार्टमेंट रेड बुल के खिलाफ यह कदम उठाया।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ड्रिंक को बेचने के लिए भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
सेंट्रल लैब की रिपोर्ट मिलने के बाद मेरठ की टीम ने एफडीए कमिश्नर मनोहर लाल को रेड बुल ड्रिंक की पूरी जानकारी दे दी है।
इस पर कमिश्नर ने तत्काल सारी ड्रिंक को सीज करने और दोबारा से सैंपल भरने का निर्देश दिया है।
अब तक सीज की गई रेड बुल की कुल कीमत करीब 1.83 लाख रुपए बतार्इ जा रही है।
रेड बुल में सबसे खतरान कैफीन
सेंट्रल लैब की रिपोर्ट से पता चला है कि कैफीन की मात्रा अधिकतम 320 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) होनी चाहिये।
लेकिन इसके अंदर यह मात्रा 382 पीपीएम पाया गया है। जो पूरी तरह से सेहत के लिए असुरक्षित है।
एनर्जी ड्रिंक रेड बुल के बारे में
रेडबुल ड्रिंक को ऑस्ट्रिया में तैयार किया जाता है। इसे दुबई स्थित रेड बुल एशिया लिमिटेड द्वारा तैयार कराया जाता है।
दुबई की यह कंपनी रेडबुल इंडिया लिमिटेड (मुंबई) के माध्यम से देशभर में इसकी सप्लाई करती है।
अभी तक लोगों को भ्रम था कि इसके अंदर शुगर की मात्रा सामान्य ड्रिंक के मुकाबले काफी कम है।
इसके चलते शुगर के मरीजों के लिए इसे सुरक्षित माना जा रहा था।