
नई दिल्ली: ‘मन की बात’ से देश की जनता का दिल जीतने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने आज टाउन हॉल कार्यक्रम में जनता के मन की बात सुनी. इस मौके पर पीएम मोदी ने गोरक्षा के नाम हिंसा की निंदा की है और कहा कि गो भक्त और गो सेवा अलग-अलग हैं और कुछ लोग गोरक्षा के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर दुकानें चलाने वाले 70-80 फीसदी लोग अपराधी हैं.
पीएम मोदी ने कहा, “गोरक्षा के नाम पर जो लोग अपनी दुनकानें खोलकर कर बैठे हैं. हमें उनपर इतना गुस्सा आता है. गोरक्षा के नाम पर दुकानें चलाने वाले 70-80 फीसदी लोग अपराधी हैं. राज्य सरकारें ऐसे लोगों की कुंडली निकालें.”
इसके साथ ही मोदी ने गो भक्त और गो सेवा का फर्क बताते हुए एक कहानी भी सुनाई और बताने की कोशिश की फिलहाल जो हो रहा है वो ग़लत है.
जो लोग गोरक्षा से जुड़े हुए हैं उनके बारे में बात करते हुए मोदी कहा, “जो पूरी रात एंटी सोशल एलीमेंट काम करते हैं, दिन में गोरक्षक का चोला पहन लेते हैं. अपने को गोरक्षक मान लेते हैं.”
तथाकथित गोरक्षकों पर कार्रवाई की वकालत करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य सरकारों ऐसे गोरक्षकों का कच्चा चिट्ठा निकालना चाहिए. उनका कहना था कि ज्यादातर इसमें फर्जी निकलेंगे.
गोरक्षकों को सीधा-सीधा संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सबसे ज्यादा गाय कत्ल खाने में नहीं मरती, बल्कि पलास्टिक खाने से मर जाती हैं. मोदी ने कहा, “अगर वो असल में गोररक्षक हैं तो पहले गायों को प्लास्टिक खाना बंद करवा दें.”
आपको बता दें कि बीते दिनों गोरक्षा के नाम पर देश में कई स्थानों पर हिंसा हुई हैं. गुजरात के उना में एक दलित परिवार के चार सदस्यों की पिटाई ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी और इसे लेकर गुजरात की सरकार और मोदी सरकार निशाने पर थी. इस घटना को लेकर दलितों में खासी नाराज़गी पाई जाती है.
गाय के नाम पर सियासत का खूंटा उखड़ा था
पिछले साल सितंबर में, जब उत्तर प्रदेश के दादरी में गाय का मीट खाने की अफवाह फैलाकर अखलाक को पीट पीट कर मार डाला गया था. इतना सबकुछ हुआ तब प्रधानमंत्री चुप रहे. हालत ये हो गई कि इसी हफ्ते प्रधानमंत्री के ही एक विधायक ने ये तक कह दिया कि जो गुजरात में हुआ वो ठीक हुआ. गोरक्षा के नाम पर पीटा गया तो ठीक हुआ.
गुजरात में गाय के नाम पर पीटने वाले, मध्य प्रदेश में गाय की रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करने वाले, हरियाणा में गोबर खिलाने वाले और ऐसी गुंडगार्दी करने वालों के समर्थन में खड़े अपने नेताओं को अब प्रधानमंत्री ने सीधा संदेश दिया है. बहुत हुआ. अब बस करो.
गाय के हर मुद्दे पर देश की संसद, देश की सड़कें सियासी हल्ले की गवाह बन चुकी हैं. अब प्रधानमंत्री बोले हैं. सवाल ये है कि क्या खुद को गोरक्षक कहकर गुंडागर्दी करने वाले प्रधानमंत्री के गुस्से से डरेंगे ?