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पाकिस्तान में हुए दो आतंकी हमलों में 18 लोगों की मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग आतंकी हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। डॉन न्यूज के मुताबिक, पेशावर के क्रिश्वियन कॉलोनी में शुक्रवार सुबह हमले की कोशिश कर रहे चार आतंकवादी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। इस दौरान एक नागरिक की भी मौत हो गई।
बम निरोधक दस्ते के अतिरिक्त महानिरीक्षक शफाक मलिक ने कहा कि चारों हमलावरों ने अपने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया।

उन्होंने आगे कहा कि हमलावरों के कब्जे से राइफलें और पांच हथगोले बरामद किए गए हैं।

इंटर सर्विसिस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार, आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में फ्रंटियर कोर के दो जवान, पुलिस के एक सिपाही और दो चौकीदार घायल हो गए।

डॉन न्यूज के अनुसार, दूसरे हमले में चार अधिवक्ताओं और तीन पुलिसकर्मियों समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना तब हुई, जब एक आत्मघाती हमलावर ने मरदान जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रवेश द्वार के निकट खुद को उड़ा दिया।

मरदान जिले के पुलिस अधिकारी फैसल शहजाद ने कहा कि अपने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट करने से पहले हमलावर ने एक हथगोला फेंका।

दोनों हमलों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जमातउल अहरार (जेए) ने ली है। इस संगठन ने गत माह क्वे टा के एक अस्पताल पर हमला किया था। हमले में 73 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश वकील थे।

दैनिक अखबार ‘डेली टाइम्स’ के अनुसार, राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हमले की निंदा की है और पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता जाहिर की है।

डॉन न्यूज के मुताबिक, पेशावर और मरदान में हमले देश के पश्चिमत्तोर क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ चल रहे जर्ब-ए-अज्ब अभियान की प्रगति के बारे में आईएसपीआर के महानिदेशक असीम बाजवा द्वारा जानकारी दिए जाने के एक दिन बाद हुए हैं।

अफगानिस्तान में सेना से मुठभेड़ में सात आतंकवादियों की मौत

अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में शुक्रवार को हुई एक मुठभेड़ में सात तालिबान आतंकवादियों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पुलिस ने अपने बयान में कहा कि तालिबान आतंकवादियों के एक समूह ने बुर्का जिले पर हमला किया था लेकिन पुलिस ने विरोध किया और आतंकवादियों को भागने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस ने कहा कि अब भी रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। साथ ही यह भी आशंका जताई है कि आतंकवादी शुक्रवार रात को हमले कर सकते हैं।

अब रहम की भीख मांगेगा पाकिस्तान

भारत दौरे पर आए मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ यहां शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत तथा मिस्र अधिक से अधिक जानकारियों तथा अभियानों की साझेदारी में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।
दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति और मेरा एक ही विचार है कि कट्टरपंथ, बढ़ती हिंसा तथा आतंकवाद का प्रसार केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के तमाम देशों व समुदायों के लिए वास्तविक खतरा है।”

उन्होंने कहा, “इस संदर्भ में, हमने रक्षा व सुरक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिसका उद्देश्य-रक्षा व्यापार में इजाफा करना, प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण, आतंकवाद से मुकाबले के लिए सूचनाओं व अभियानों की अधिकाधिक साझेदारी, उभरती साइबर सुरक्षा की चुनौती पर सहयोग, मादक पदार्थो की तस्करी से निपटने के लिए मिलकर काम करना, अंतर्राष्ट्रीय अपराधों तथा धनशोधन से निपटना है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह तथा राष्ट्रपति अल-सीसी ने दोनों देशों के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कार्रवाई आधारित एजेंडे पर सहमति जताई है।

उन्होंने कहा, “एक एजेंडा जो हमारी सामाजिक-आर्थिक प्राथमिकता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करता हो, व्यापार व निवेश संबंधों को बढ़ावा देता हो, हमारे समाज की सुरक्षा करता हो, हमारे क्षेत्र में शांति व समरसता कायम करने में मदद करता हो तथा क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर हमारे संबंधों में इजाफा करता हो।”

मोदी ने कहा, “हम समझते हैं कि मजबूत व्यापार व निवेश संबंध हमारे समाज की आर्थिक समृद्धि के लिए जरूरी है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए हमने वस्तुओं, सेवाओं तथा पूंजी के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति जताई है, जो हमारी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।”

मोदी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद शुक्रवार को जिस समुद्री परिवहन सहयोग पर हस्ताक्षर हुआ, वह एक महत्वपूर्ण प्रेरक का काम करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अपने देश के निजी क्षेत्र से आग्रह करूंगा कि वे दोनों देशों के बीच नई वाणिज्यिक साझेदारी व व्यापार का नेतृत्व करें।”

उन्होंने कहा, “आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए हम कृषि, कौशल विकास, छोटे तथा मध्यम उद्योग एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेंगे।”

भारत व मिस्र को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ दो प्राचीन सभ्यता करार देते हुए मोदी ने कहा कि अल-सीसी ने दोनों देशों की जनता के बीच आदान-प्रदान व सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम इस बात से सहमत हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सुधार करने की जरूरत है।”

राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की यात्रा के बाद मिस्र के किसी राष्ट्रपति की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है।

हालांकि इसके पहले अल-सीसी भारत-अफ्रीका फोरम समिट में हिस्सा लेने बीते साल अक्टूबर में नई दिल्ली आए थे।

भारत के खिलाफ ये गहरी साचिश रच रहा बुरहान वानी का वारिस

आखिर वो कौन है जो भारत माता के गले में आतंक की माला पहनाना चाहता है। आखिर वो कौन है जो कई मुल्कों में अपना गढ़ बनाकर भारत को घेरना चाहता है। आतंक की माला… ये टॉप सीक्रेट फाइल का हिस्सा है जो आईबीएन 7 को मिली है, ये रिपोर्ट तैयार की है भारत की खुफिया एजेंसियों ने। कहा जा रहा है कि ये शायद भारत के खिलाफ सबसे बड़ी साजिश हो सकती है क्योंकि इसमें भारत को घेरने के लिए एक माला की शक्ल में चक्रव्यूह रचा जा रहा है।

लश्कर के आतंकवादी सरगना बुरहान वानी के वारिस ने भारत को चेतावनी दी है कि वो जल्द ही भारत के गले में पहनाएगा ‘आतंक की माला’। बुरहान वारिस के चेतावदी देते हुए कहा है कि कितने बुरहान वानी को हिन्दुस्तान शहीद करके, सोशल मीडिया पर पाबंदिया लगाके, झूठे बयान देकर, दुनिया को गुमराह करता रहेगा। हिन्दुस्तान को लगा कि हमने बुरहान वानी को शहीद किया और शायद अब हम चैन से जी सकेंगे। लेकिन ये हिन्दुस्तान की गलतफहमी है। हम हिन्दुस्तान को तबतक चैन से नहीं जीने देंगे जब तक कि हिन्दुस्तान यहां से नहीं निकलेगा और हम हिन्दुस्तानी कोच को उसी तरह सिंदूक में पैक करके भेज देंगे जिसतरह हाल ही में 15 अगस्त के दिन कमांडर प्रमोद कुमार को भेजा।

IBN7 को मिली खुफिया सूत्रों की पक्की जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी संगठन भारत को घेरने के लिए आतंक की एक माला तैयार कर रहे हैं। ये ऐसी माला है जिसे बनाने के लिए कई आतंकवादी संगठनों ने मिलकर कई देशों में सालों की मेहनत से अपने बेस तैयार किए हैं। आईबीएन 7 को मिले टॉप सीक्रेट खुफिया दस्तावेज साफ कह रहे हैं कि लश्कर की कमान में भारत के खिलाफ ऐसा ही चक्रव्यूह रचा जा रहा है जिसे नाम दिया गया है STRING OF TERROR यानि आतंक की माला। ऐसे तमाम मुल्कों में भारत के खिलाफ मरने मारने वाले आतंकवादी गुटों को शह दी जा रही है, उनके बेस बनाए जा रहे हैं, हमले करवाए जा रहे हैं।

कश्‍मीर में आतंक की आग भड़काने के लिए पाकिस्‍तान में चंदा जुटा रहा हाफिज सईद

भारत का सबसे बड़ा दुश्‍मन आतंकी भारत में आग लगाने के लिए चंदा जुटा रहा है। यह आतंकी और कोई नहीं बल्कि मुंबई हमले का मास्‍टर माइंड और लश्‍कर ए तैयबा चीफ हाफिज सईद है। यह चंदा वह कश्‍मीर में हिंसा जारी रखने वाले आतंकवादियों के लिए जुटा रहा है।

इंसानियत का यह दुश्‍मन पाकिस्‍तान में खुलेआम शिविर लगाकर भारत में आतंक फैलाने के नाम पर लोगों से भावुक अपील करके यह कार्य कर रहा है। वह लोगों से कश्‍मीर में जिहाद के लिए आर्थिक मदद करने का वास्‍ता दे रहा है।

आतंकी सरगना ने अपने इस चंदा वसूली अभियान का नाम तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्मीर रखा है। हाफिज के संगठन जमात-उद-दावा की ओर से लगाए इन कैंपों में अंग्रेजी और उर्दू में लिखे बैनर टंगे हैं।

अंग्रेजी के बैनर में हाफिज के फोटो के साथ मोटे-मोटे अक्षरों में मूवमेंट फॉर कश्मीर लिबरेशन (एमकेएल) लिखा है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर की आजादी के लिए लोग खुले दिल से आर्थिक मदद दें।

कैंप पाकिस्तान के कई शहरों में लगाए गए हैं। इस मुहिम में उसका दूसरा संगठन फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन भी पूरी ताकत से लगा है। उसने भी कश्मीरी स्ट्रगल फॉर फ्रीडम शीर्षक से पूरे पाकिस्तान में कैंप लगाए हैं।

इन शिविरों के बाहर लगे बैनरों में लिखा गया है कि एक कश्मीरी परिवार के राशन के लिए पांच हजार रुपये का दान करें। इसी प्रकार घायल कश्मीरियों के इलाज के लिए 20 हजार रुपये देने के लिए कहा गया है।

अब पाकिस्तान को अमेरिका के सैन्य ठिकानों से ख़त्म करेगी भारतीय सेना

भारत और अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की ठान ली है। दोनों देश अब एक-दूसरे के सैन्य साजोसामान और सैन्य अड्डों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए अहम समझौते पर दस्तखत भी हो गये हैं।

इस रक्षा सहयोग का मकसद हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति और उन्हें सुधारने में एक-दूसरे का सहयोग होगा।

भारत और अमेरिका ख़त्म करेंगे आतंकवाद

सोमवार को देर रात रसद के आदान-प्रदान के समझौते (एलईएमओए) पर भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने सहमति जताई। दोनों नेताओं ने कहा कि इस समझौते से व्यवहारिक संविदा और आदान-प्रदान के अवसर मिलेंगे।

पेंटागन पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने दावा किया है कि भारत के पड़ोस से जारी आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में अमेरिका ने उसका पूरा साथ देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाएं मरम्मत एवं आपूर्ति के के लिए एक दूसरे की रिसोर्सेज और सैन्य अड्डों का इस्तेमाल कर सकेंगी।

भारत और अमेरिका के बीच कार्य प्रगति पर पर्रीकर और कार्टर ने बैठक के दौरान चर्चा की। अमेरिका भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में व्यापार और तकनीकी साझेदारी के लिए तैयार हो गया है। ताकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हो सके।

इससे पहले, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सोमवार को पेंटागन पहुंचे। वहां पर अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने उनका भव्य स्वागत किया। पर्रिकर को पेंटागन में विशिष्ट अतिथि का दर्जा मिला।

स्वागत समारोह के बाद पर्रीकर ने पेंटागन में 9/11 स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसी साल अप्रैल में कार्टर की भारत यात्रा के दौरान इस समझौते की घोषणा हुई थी।