
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर गेहूं को जानबूझकर सड़ाने की एक तस्वीर वायरल हो रही है. दावा है कि गोदाम में रखी गेहूं की सूखी बोरियों को पानी डालकर इसलिए सड़ाया जा रहा है कि ताकि बीयर बनाने वाली कंपनियों को अनाज बेचा जा सके.
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर को देखकर लोगों को गुस्सा आ रहा है. लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि कोई ऐसा कैसे कर सकता है.
वायरल हो रही इस तस्वीर के जरिए दावा है कि मध्य प्रदेश के सतना में जानबूझकर गेहूं सड़ाया जा रहा है. इतना ही नहीं ये सब भ्रष्टाचार करने के लिए हो रहा है.
तस्वीर में गोदाम साफ नजर आ रहा है. गोदाम अनाज की बोरियों से भरा हुआ है. एक कर्मचारी हाथ में पाइप लेकर बोरियों पर छिड़काव कर रहा है. नीचे पूरा फर्श गीला है जिसे देखकर लग रहा है कि गेहूं को जानबूझकर गीला किया जा रहा है
तस्वीर के साथ मैसेज भी है जिसमें लिखा है देश को खोखला सिर्फ नेता ही नही कर रहे हैं अब तो अधिकारी भी उसी राह पर हैं. देखिए किसान की खून पसीने की कमाई का क्या कर रहे हैं ये जनाब. दावा है कि गेहूं को सड़ाकर शराब बनाने के लिए बेच दिया जाता है कि जबकि ना जाने कितने लोग देश में भूखे सोते हैं.
आंकड़े बताते हैं कि हर साल देश में 50 हजार करोड़ रुपए का अनाज बर्बाद हो जाता है. साल में करीब दो सौ बीस लाख टन अनाज सिर्फ इसलिए खराब हो जाता है क्योंकि उन्हें ठीक से रखने की व्यवस्था नहीं हो पाती. जबकि दुनिया में हर रोज 18 हजार बच्चे भूख से मर जाते हैं जिनमें से एक तिहाई भारत के हैं. यानि हमारे देश हर रोज 6 हजार बच्चे भूख से मर रहे हैं.
अगर ये तस्वीर सच है तो गुस्सा भी जायज है लेकिन अगर झूठ है तो उसका सामने आना जरूरी है. एबीपी न्यूज ने वायरल तस्वीर की पड़ताल की. सच जानने के लिए हमने सबसे पहले मध्य प्रदेश के सतना जिले के उस गोदाम को ढूंढना शुरू किया जहां की ये तस्वीर बताई जा रही थी.
पड़ताल करते हुए हम सतना के रुचि प्राइवेट कंपनी लिमिटेड के वेयर हाउस पहुंचे. इस गोदाम में पहुंचकर हम थोड़ा चौंके क्योंकि पूरा गोदाम खाली पड़ा था कहीं कोई अनाज की बोरियां नहीं थीं. उसके बाद हमारी मुलाकात रफीक खान से हुई.
रफीक से मुलाकात इस पड़ताल की सबसे बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि वायरल तस्वीर में जो शख्स आपको गेहूं पर छिड़काव करता दिख रहा है वो रफीक खान हैं. हमने सबसे रफीक से इस तस्वीर का सच पूछा.
पड़ताल में सामने आया कि पिछले साल इस गोदाम में 10 हजार मीट्रिक टन अनाज का भंडार था. अनाज को सड़ने से बचाने के लिए समय-समय पर पावर पम्प से अनाज पर छिड़काव किया जाता है. ये उसकी वक्त की तस्वीर है जब रफीक गोदाम में रखी अनाज की बोरियों पर दवा का छिड़काव कर रहे थे.
गोदाम के अधिकारी एक साल पहले की तस्वीर को इस तरह वायरल करने के पीछे किसी ठेकेदार की साजिश होने का शक जता रहे हैं और इस मामले के खिलाफ शिकायत करने का मन बना रहे हैं.
वहीं इस वायरल तस्वीर के बाद अधिकारी हरकत में आ गए थे. एमपी की राजधानी भोपाल में बैठे अधिकारियों ने मामले की जांच तक के आदेश दे दिए. यानि दवा छिड़कने की तस्वीर को गेहूं सड़ाने की साजिश बताया जा रहा है
एक साल पहले की तस्वीर को अभी का बताकर पेश किया जा रहा है जो गलत है. हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीर झूठी साबित हुई है.