
बलियाः नरही थाने के बाहर शुक्रवार दोपहर से समर्थकों के साथ धरने पर बैठे फेफना से बीजेपी विधायक उपेंद्र तिवारी और पुलिस के बीच देर रात झड़प हो गई। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसी दौरान गोली चली। गोली लगने से विधायक समर्थक विनोद राय की मौत हो गई। पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। विधायक ट्रक और गायों को पकड़ने के खिलाफ धरना दे रहे थे। आईजी गोली चलने या इससे किसी की मौत होने से इनकार कर रहे हैं।
क्या है मामला?
रात करीब 10 बजे कई थानों की फोर्स नरही थाने भेजी गई। वहां पुलिसवालों की उपेंद्र तिवारी से झड़प हो गई। विधायक ट्रक और गायों को छोड़ने की जिद पर अड़े थे। उपेंद्र और समर्थकों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठी चलानी शुरू कर दी। इसी दौरान गोली चली और नरही गांव के रहने वाले 35 साल के विनोद राय को लग गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक महिला समेत दर्जनभर से ज्यादा लोग लाठीचार्ज में घायल हुए। पुलिस विनोद की लाश पहले थाने में ले गई। बाद में उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस की मानें तो ट्रक में पांच गायों और दो बछड़ों की तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में मठिया के रहने वाले चंद्रमा यादव और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विधायक पुलिस की कार्रवाई को गलत बताकर ट्रक और मवेशी छोड़ने का दबाव डाल रहे थे। उनका कहना था कि मवेशी भी चंद्रमा के हैं और ट्रक भी उसका है। उधर, आईजी एसके भगत ने गोली चलने या गोली लगने से किसी की मौत होने से इनकार किया है। फिलहाल डीआईजी धर्मवीर यादव मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों और अफसरों से बात की।
पुलिस पर क्या है आरोप ?
बीजेपी के जिलाध्यक्ष विनोद दुबे का आरोप है कि पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओ पर जमकर लाठीचार्ज किया और गोलियां चलाईं, जिसकी वजह से बीजेपी कार्यकर्ता विनोद राय की मौत हो गई और करीब 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस ने नरही थाना में बीजेपी विधायक उपेन्द्र तिवारी सहित 35 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 353, 336 और 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक का क्या है कहना ?
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विधायक उपेन्द्र तिवारी फरार हैं। घटना के मद्देनजर जिले में सुरक्षा पहले से और कड़ी कर दी गई है। जिले की पुलिस के साथ ही बाहर से 4 कंपनी पीएसी, 500 पुलिस कॉन्स्टेबल, 1 अपर पुलिस अधीक्षक और 6 पुलिस उपाधीक्षक को बुलाकर तैनात किया गया है। आजमगढ़ के पुलिस उप महानिरीक्षक धर्मवीर यादव कल रात को ही यहां आ गए हैं। वहीं, डीआईजी ने बताया कि इस मामले की मजिस्टिरियल जांच होगी और पुलिस की गलती सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने ली जानकारी
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने भी कल देर रात पार्टी जिलाध्यक्ष से फोन पर बातचीत कर उनसे मामले की जानकारी ली। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया बीजेपी इस मामले में आर पार की लड़ाई लड़ेगी।