मोदी की बात निकली सच - गायों से भरा ट्रक पास करवाना हो तो फर्जी गौसेवक लेते है 2000 रु. ..पढ़े पूरी खबर!

नई दिल्ली : कल (शनिवार) को पधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में आम लोगों के सवालों के जवाब देते हुए कहा था कि गौ रक्षकों के नाम पर कुछ लोग अपनी दुकानें खोलकर बैठे हैं।

और इसी बात को सच साबित करती एक खबर पंजाब से आई है। पंजाब में पशुओं को खरीदने-बेचने का काम करने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें गौरक्षक परेशान करते हैं और गाय या भेंस से भरे ट्रकों को बिना किसी परेशानी के निकलने देने के लिए पैसे मांगते हैं।

पंजाब के चीमा गांव में रहने वाले अमरजीत सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें हिंदू शिव सेना के एक नेता से बातचीत करके उसे दो लाख रुपए देने पड़े ताकि उनके ट्रकों को बिना किसी रोकथाम से आने-जाने दिया जाए। अमरजीत ने बताया कि अगर पैसे नहीं दिए जाते तो वे लोग भैंस-गाय को लेकर आ-जा रहे ट्रक को रोक लेते हैं और उन्हें परेशान करते हैं।

अमरजीत सिंह के अनुसार ‘फर्जी’ गौ रक्षकों ने हर चीज के रेट भी फिक्स कर रखे हैं। जैसे एक गाय को निकलने देने के 200 रुपए लिए जाते हैं और एक ट्रक, जिसमें 10 गाय होती हैं उसे जाने देने के लिए 2 हजार रुपए लिए जाते हैं। वहीं 6 महीने का एक प्लान भी तय किया गया है।

इसमें 3.80 लाख रुपए लेकर 6 महीने तक रोकटोक नहीं की जाती। इसमें ट्रक के नंबर उस गिरोह को दे दिए जाते हैं। जिन्हें उन्हें नहीं रोकना होता।

अमरजीत ने बताया कि पहले तो यह सब ठीक था लेकिन अब पशुओं की कीमत गिरने से उन्हें नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘पहले गाय 1 लाख तक बिक जाती थी लेकिन अब कीमत 50 हजार के करीब है, इसलिए अब हम डेयरी फार्म का काम करने लगे हैं।’

अमरजीत बताते है की पहले गाय को बेचने के लिए सिर्फ पशुपालन विभाग से परमिशन लेनी होती थी लेकिन गौ सेवा कमीशन बनने के बाद तीन जगहों से इजाजत मांगनी पड़ती है।