
नई दिल्ली: 111 फ़र्ज़ी कंपनियों के जरिए 10 हज़ार करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति बनाने वाले यूपी के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इक़बाल अपनी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में सौंपी रिपोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने ये बताया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियां डीरजिस्टर्ड कराने का मकसद जांच से बचना है. कंपनियों के अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. हालांकि, ईडी ने बताया है कि कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद भी उनके रिकॉर्ड नष्ट नहीं किए जाएंगे. इसके लिए रजिस्ट्रार ऑफ़ कंपनीज़ से अनुरोध किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व बीएसपी एमएलसी के मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए ईडी, आयकर विभाग और SFIO को 3 महीने का समय दिया है. कोर्ट ने सीबीआई से भी मसले पर रिपोर्ट मांगी है.
मोहम्मद इकबाल पर अवैध खनन करने, 111 कागज़ी कंपनियां चलाने और 10 हज़ार करोड़ रूपये की संपत्ति बनाने का आरोप है. कॉर्पोरेट मंत्रालय के सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (SFIO) सुप्रीम कोर्ट को बता चुका है कि अब तक हुई जांच में लगभग 40 कंपनियां फ़र्ज़ी पाई गयी हैं.
मोहम्मद इक़बाल की दलील है कि जिन कंपनियों की बात की जा रही है वो उनके रिश्तेदार चलाते हैं. सभी 111 कंपनियों को उनसे जोड़ना ठीक नहीं. उनके कुछ कंपनियों में शेयर हैं. वो किसी कंपनी के निदेशक नहीं हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिककर्ता रणवीर सिंह के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों की भी जानकारी मांगी थी. यूपी सरकार ने उनके खिलाफ 7 मामलों की जानकारी दी. कहा कि अवैध खनन के एक मामले में सहारनपुर के डीएम ने उनसे साढ़े 4 करोड़ की वसूली का आदेश दिया है.