
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर मामले में बड़बोले पाकिस्तान का मुंह बंद करा दिया है। कश्मीर में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हालात क्या बिगड़े, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर को पाक का बताना शुरू कर दिया। भारत से पाक गए गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बुरा बर्ताव किया। इसी बीच जब भारत ने दो टूक की तो अब पाक को समझ आ गया है।
शुक्रवार को कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर हमारा है और बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में वहां के सुरक्षाबलों द्वारा लोगों पर किए जा रहे अत्याचारों को दुनिया के सामने लाने की जरूरत है।
बलूचिस्तान ने किया पीएम मोदी के बयान का स्वागत
पीएम मोदी के इस बयान का बलूचिस्तान के एक्टिविस्ट्स ने स्वागत किया है। बलोच कार्यकर्ता नाएला कादरी बलोच और हमाल हैदर बलोच ने कहा है कि पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान पर बात की है और इसका स्वागत करते हैं। दोनों ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी सितंबर में यूएन में होने वाली मीटिंग में बलूचिस्तान का मुद्दा उठाएंगे।
नाएला कादरी बलोच ने कहा पीएम मोदी के साथ हैं
नाएला कादरी बलोच कहती हैं कि पीएम मोदी का बयान स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर, बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान के लोग इसके लिए पीएम मोदी का धन्यवाद करते हैं। नाएला ने कहा कि सभी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं।
हमाल हैदर बलोच ने कहा स्वागत है
बलूचिस्तान के एक्टिविस्ट हमाल हैदर बलोच ने कहा कि बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए पीएम मोदी ने जो बयान दिया है वो स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान के बारे में बात की है, ये बहुत महत्वपूर्ण फैसला है। उन्होंने कहा कि भारत और बलूचिस्तान के विचार एक जैसे हैं। बलूचिस्तान सेक्युलरिज्म और लोकतंत्र में विश्वास रखता है।