
कश्मीर में बीएसएफ की तैनाती के अगले ही दिन आर्मी चीफ दलबीर सिंह सुहाग ने बॉर्डर का जायजा लिया।
सुहाग ने कश्मीर के उत्तरी हिस्से का भी दौरा किया। उन्होंने यहां उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस होदा और चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ से कश्मीर के हालात पर चर्चा की।
उन्होंने सेना को निर्देश दिया कि कश्मीर का आम आदमी आतंकवादियों की गोली से न मरे।
आर्मी चीफ पिछले महीने भी कश्मीर के हालात की समीक्षा करने पहुंचे थे। लेकिन इस बार उनका यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
दरअसल, बुधवार को केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर पहुंचेंगे। उनके दौरे से पहले कश्मीर में बी.एस.एफ की तैनाती के अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
12 साल बाद बी.एस.एफ की कश्मीर में एंट्री के बाद माना जा रहा है कि अब वहां देशविरोधी तत्वों को खत्म करने की तैयारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच हजार बी.एस.एफ जवान कश्मीर में तैनात किए जा रहे हैं। ये जवान विवादित लाल चौक से लेकर बार्डर तक की निगरानी करेंगे।
कश्मीर में बी.एस.एफ अपने सख्त एक्शन के लिए जानी जाती है। 12 साल से पहले बीएसएफ यहां आतंक निरोधी अभियान चला रही थी।
बाद में बी.एस.एफ को कश्मीर से हटाकर सीआरपीएफ को बुला लिया गया था। लेकिन अब कश्मीर में बीएसएफ की वापसी के बाद आर्मी चीफ और गृहमंत्री का दौरा देशविरोधी तत्वों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है।