गौरक्षा पर भड़के पीएम मोदी, बोले- बंद करो अपनी दुुकानें

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पहली बार टाउनहाल में जनता से संवाद किया। पीएम मोदी से पहले तीन सवाल देश के तीन राज्यों से आए, जिनमें सुशासन, अर्थव्यवस्था और सेहत को लेकर पीएम का नजरिया मांगा गया।
पीएम मोदी ने पहले सवाल के जवाब में कहा, ‘जनभागीदारी वाला लोकतंत्र भारत जैसे विशाल देश में आवश्यक है। तकनीक के कारण ये सहज संभव हुआ है। स्वच्छ भारत अभियान जनभागीदारी का बेहतरीन उदाहरण है।  हमारे देश में लोकतंत्र का सामान्य मतलब ये रह गया था कि वोट दो और पांच साल के लिए समस्याओं के समाधान का ठेका किसी को दे दो। अगर वो विफल रहा तो किसी दूसरे को ये ठेका दे दो। राजनीति में ज्यादातर चुनाव जीतने के बाद सरकारों का इस बात पर ध्यान रहता है कि वो अगला चुनाव कैसे जीतें, इसलिए उनकी योजनाओं की प्राथमिकता जनाधार बढ़ाने पर रहती है। लेकिन ये लंबे समय तक नहीं चल सकता।’
मोदी ने कहा कि आपने जो योजना बनाई उसका फल अगर अंतिम आदमी तक नहीं पहुंचा तो कुछ दिन के लिए तो वाहवाही मिल जाएगी लेकिन गुड गवर्नेंस न होने पर आम आदमी के जीवन में बदलाव नहीं आएगा। सरकारी पैसे से अस्पताल तो बन जाएगा लेकिन गुड गवर्नेंस के बिना मरीज वहां भटकता रहेगा। उसे बिस्तर नहीं मिलेगा। उचित दवाएं नहीं मिल पाएंगी। यानी बिना गुड गवर्नेंस के डेवलेपमेंट भी बेकार है।
एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि इस समय जब पूरी दुनिया में मंदी चल रही हो और दो बड़े अकाल बीते हों तब 7.5 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ पाना देश की जनता की बहुत बड़ी उपलब्धि है। मोदी ने कहा कि अगर हम अगले तीस साल तक 8 फीसदी की ग्रोथ जारी रख सकें तो दुनिया में आज जो कुछ भी अच्छा दिख रहा है वो सब आपके पास होगा।
मोदी ने कहा कि हमारे यहां पंचायत में कुछ हो जाए, जिला पंचायत में कुछ हो जाए, नगर निगम में या नगर पालिका में, जिले में कुछ हो जाए या राज्य में कुछ हो जाए तो पीएम से जवाब मांगा जाता है। ये राजनीतिक रूप से तो ठीक हो सकता है, टीआरपी के लिए भी फायदेमंद हो सकता है लेकिन गवर्नेंस के स्तर पर इसमें बहुत नुकसान हो जाता है क्योंकि पीएम के अलावा बाकी सभी लोग निश्चिंत हो जाते हैं क्योंकि उनकी जिम्मेदारी है लेकिन उनसे जवाब नहीं मांगा जा रहा
केंद्र सरकार के mygov.in के दो साल पूरे होने के मौके पर पहली बार टाउनहॉल का आयोजन किया गया है।
PMO App का उद्घाटन
पीएम मोदी ने नागरिकों की सहूलियत के लिए बनाए गए PMO ऐप का उद्घाटन किया। देशभर से करीब 50000 सुझावों के बाद इसको तैयार किया गया है और छह छात्रों ने मिलकर इसे बनाया है। पीएम मोदी ने इन छह छात्रों को सम्मानित किया। इस ऐप के जरिए 10 भाषाओं में पीएमओ की जानकारियां लोगों को मिल सकेंगी।
सुझाव देने वालों को पीएम ने दिए पुरस्कार
पीएम मोदी ने संबोधन से पहले उन लोगों को सम्मानित किया जिन्होंने mygov.in पर देश के लिए सुझाव दिए थे। इन लोगों को सर्टिफिकेट के साथ-साथ पुरस्कार राशि भी दी। इन लोगों ने देश की बेहतरी के लिए पीएम मोदी को सुझाव देने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और पीएम ने ‘मन की बात’ में इनके सुझावों का जिक्र भी किया था।
गौरक्षकों ने खोल रखी हैं दुकानें
गौरक्षा के नाम पर कुछ लोग अपनी दुकाने खोलकर बैठे हैं। गौसेवक बनने वाले लोगों पर मुझे बहुत गुस्सा आता है। पुराने जमाने में बादशाहों और राजाओं की लड़ाई होती थी। बादशाह युद्ध के समय आगे गाय रखते थे और जीत जाते थे। कुछ लोग रात को गोरखधंधे करते हैं और दिन में गौरक्षक का चोला पहन लेते हैं। अपनी बुराइयों से बचने के लिए गौरक्षकों बनने का नाटक करते हैं। गाय सबसे ज्यादा प्लास्टिक खाने से मरती हैं। खुद को गौरक्षक बताने वाले अगर लोगों से प्लास्टिक फेंकना बंद करवा दें तो वो ही बहुत है।

भारत की विविधता से मिल सकता है टूरिज्म को बढ़ावा
40 लाख से ज्यादा पर्यटक भारत आए। स्वच्छ भारत अभियान की वजह से इसे बढ़ावा मिले। सफाई से टूरिज्म को फायदा मिल रहा है। भारत की विरासत को लेकर दुनिया को आकर्षित करना होगा। भारत की विविधता की मार्केटिंग की जाए तो लोगों को पागल कर सकते हैं। विरासत से जितना लोगों को जोड़ेंगे उतना ही फायदा मिलेगा। हमारे पास जितना है, अगर सिर्फ उसी पर फोकस करें तो टूरिज्म को बहुत बढ़ावा मिलेगा। विदेशों में रहने वाले भारतीय 5 विदेशी परिवारों को भारत जाने के लिए मना सकते हैं, जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

आत्मा गांव की, सुविधा शहर की
पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में शब्दों की राजनीति करने वाले कम नहीं हैं। स्मार्ट सिटी की बात होती है तो पूछते हैं कि स्मार्ट विलेज क्यों नहीं। स्मार्ट सिटी का अलग कॉन्सेप्ट है लेकिन गांव की स्थिति भी बदलनी चाहिए। शहरों में मिलने वाली सुविधाएं गांव को भी मिलनी चाहिए। अर्बन मिशन में 300 जगहों का चुनाव किया है। आत्मा गांव की सुविधा शहर की होनी चाहिए लेकिन देश में गांव मरना नहीं चाहिए।’
खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन
7 अगस्त को हैंडलूम डे है, जिसे पिछले साल से शुरू किया गया है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में विदेशी कपड़ों की होली और विदेशी का मंत्र। कपड़ों पर खर्च करने वाले पैसे में से 5 फीसदी भी लोग हैंडलूम पर खर्च करें तो मजदूरों को फायदा होगा और हैंडलूम सेक्टर में बेरोजगारी दूर हो सकती है। इससे गरीब लोगों को मदद मिलेगी। लोग 2 अक्टूबर को कुछ न कुछ खादी जरूर खरीदें। गरीब बुनकरों के लिए कुछ करें तो बहुत बदलाव आएगा।

आधुनिक कृषि से जुड़ना होगा
कृषि क्षेत्र से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। आज भी देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में कृषि का बड़ा योगदान है। हमें आधुनिक कृषि से जुड़ना होगा और परंपरागत खेता से बाहर निकलना होगा। किसानों का शिक्षित देने का काम चल रहा है। बनावटी चीजों में फंस जाते हैं किसान बहुफसली खेती पर बल देने की कोशिश की जा रही है। नई पीढ़ियां कृषि क्षेत्र में आ रही हैं।

तेज गति से बढ़ रही है अर्थव्यवस्था
भारत तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था। पूरे विश्व में मंदी का दौर चल रहा है और उसके बावजूद 7.5 फीसदी की ग्रोथ पाना बड़ी कामयाबी है। देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है और आर्थिक विकास हो रहा है। परिवार की तरह की देश की अर्थव्यवस्था है।

टूरिज्म को बढ़ावा देने से बढ़ेगा रोजगार
अगर टूरिज्म को बढ़ावा दें तो विरासत से फायदा होगा। और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। अगर हम 30 साल तक 8 फीसदी ग्रोथ देख लें तो तो जिसका हम सपना देखते हैं तो वो हमारा हो सकता है और दुनिया हमारे कदमों में आ सकती है। सोलर एनर्जी पर बल देने से भी ग्रोथ रेट बढ़ेगा।

प्रीवेंटिव हेल्थकेयर पर देना होगा ध्यान
सेहत के मामले में हर कोई दूसरों को सलाह देता है लेकिन खुद उसका पालन नहीं करता. पहले एक ही वैद्य पूरे गांव का इलाज करता था लेकिन आज हर बीमारी का डॉक्टर अलग है लेकिन फिर भी बीमारियां बढ़ रही हैं। हमें बीमारियों की रोकथाम पर ध्यान नहीं देते। प्रीवेंटिव हेल्थ केयर पर ध्यान देना होगा, योग पर ध्यान देना होगा।

सुशासन लाने के लिए काम कर रहे हैं
लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण ताकत है कि क्या सरकार जनता की परेशानियों पर रिस्पॉन्स करती है? सामान्य नागरिक की शिकायत सुनने की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए और तय समय पर उसको दूर भी किया जाना चाहिए। सुशासन की दृष्टि से हम इसपर काम कर रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान से बीमारियां भागेंगी। बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी लोगों में उदासीनता है। घर-घर जाकर टीकाकरण का काम चल रहे हैं।

इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के गुण-दोष पर चर्चा की जाएगी।
इस कार्यक्रम में वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी शिरकत की। जेटली ने कहा, ‘सोशल मीडिया के जरिए 21वीं सदी की जनता को सब पता है। आज जनता वोट देकर ही संतुष्ट नही बल्कि वो सरकार में भागीदारी चाहती है। लोग सरकारी नीति बनाने में अपना रोल प्ले कर रहे हैं। माय गॉव इसी का प्लेटफार्म है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया अब वो नहीं चला पाता जो वो चलाना चाहता है क्योंकि ट्वीटर और मोबाइल पर उसे सब लाइव पता रहता है।’