पहले 6700 करोड़ का झटका, अब सरकार के खिलाफ इसरो ने खोला मोर्चा

एंट्रिक्स-देवास सौदे के मामले में इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और केन्द्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

उन्होंने कहा, ‘हम इस मामले पर कोर्ट में लड़ेंगे। हमारे पास सीबीआई की चार्जशीट की कॉपी आने दीजिए। इस देखने के बाद हम भी अपनी तैयारी करेंगे।’

दरअसल, सीबीआई ने गुरुवार को एंट्रिक्स-देवास सौदे के मामले में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया है।

मल्टी मीडिया कंपनी देवास और इसरो के बीच साल 2005 में दो उपग्रहों के इस्तेमाल को लेकर करार हुआ था। उस वक्त नायर अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो की वाणिज्यिक इकाई एंट्रिक्स कार्पोरेशन के भी पदेन अध्यक्ष थे।

यह करार वर्ष 2011 में रद कर दिया गया था। 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद एस बैंड स्पेक्ट्रम के लिए बिना बोली करार किए जाने की बात सामने आने के बाद सरकार ने करार रद कर दिया था।

इस मामले में बीते महीने हेग स्थित अंतरराष्‍ट्रीय पंचांट ने करार रद करने के फैसले को गलत बताया था। अब भारत सरकार पर मुआवजे के तौर पर 6700 करोड़ चुकाने की नौबत आ चुकी है। हालांकि इसरो ने इसके खिलाफ अपील करने की तैयारी भी की है।

सीबीआई के मुताबिक दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में एंट्रिक्स के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक केआर श्रीधरमूर्ति, अमरीकी कंपनी फोर्ज एडवाजइर के एम जी चंद्रशेखर और आर विश्वनाथन, देवास मल्टीमीडिया के अलावा इसरो और एंट्रिक्स के कई अन्य अफसरों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है।