
समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायमसिंह यादव का संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ बीते 36 घंटो से हिंसा की लपटों में झुलस रहा है। जिला अधिकारियो के बाद वाराणसी जोन के आईजी ने स्वयं मोर्चा संभाला हुआ है, बावजूद इसके असमाजिक तत्वों पर काबू नहीं पाया जा सका है।
हिंसा इस तरह से फैली है कि हालात काबू करने के मकसद से पैरामिलिट्री फ़ोर्स को तैनात करना पड़ गया है। असामाजिक तत्वों ने यहां रविवार रात एक लकड़ी की टाल को आग के हवाले कर दिया, जिसमे भरी लकड़ी धूं-धूं कर जल उठी बस इसी के बाद यह धुआं बड़ी हिंसा में बदलता गया।
अफवाहों के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। अलग-अलग जगह पर हुई हिंसक झड़प में दो लोगो के घायल होने की बात भी सामने आई, शनिवार रात खोदादादपुर में एक मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि उसने क्षेत्र को सांप्रदायिक हिंसा की आग में धकेल दिया। इसी दौरान अधिकारियो सहित पुलिस जवान भी घायल हो गए।
एकाएक भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज हुआ, हवाई फायर तक करने पड़े, आंसू गैस के गोले छोड़े तब कही जाकर किसी तरह हालात पर काबू पाया गया। फरीदाबाद में असामाजिक तत्वों ने एक युवक पर फायर किया गोली लगने से वह घायल हो गया, बाद इसके फरिहां से फरीदाबाद तक हिंसा फ़ैल गई।
सभी आला-अधिकारी क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए जुटे हुए है। हिंसाग्रस्त क्षेत्रो पर पैनी नजर रखी जा रही है, जानकारी के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से पैरामिलिट्री फ़ोर्स की 2 कंपनी, 10 पीएसी, 10 थानों की पुलिस व पड़ोसी जिलों की पुलिस फ़ोर्स तैनात की गई है। आम लोगो से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, जल्द ही शांति कायम होगी।